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योजना विवरण

 

मध्याहन भोजन योजना

मध्याह्न भोजन योजना सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नामांकित एवं उपस्थित कक्षा एक से आठ तक के प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित है। इसके द्वारा बच्चों को कुपोषण से मुक्त रखने, उनके बीच आपसी भाइचारा बढ़ाने समानता एवं स्वच्छता की भावना विकसित करने तथा विद्यालय की ओर से बच्चों को आकर्षित करने में भी योगदान मिल रहा है।
मध्याह्न भोजन योजना का मार्गदर्शन सिद्धांत है- गुणवत्ता, समयबद्धता, सुरक्षा एवं पारदर्शिता।

 

भोजन को चखना

प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के भोजन ग्रहण करने के आधा घंटा पहले विद्यालय के प्रधानाध्यापक, वरीयतमशिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति के एक सदस्य तथा रसोईया-सह-सहायक के द्वारा खाने का चखा जाना अनिवार्य है।

 

पोषाहार पंजी


प्रत्येक विद्यालय में एक पोषाहार पंजी अनिवार्य रूप से संधारित है।सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) की दिशा में यह आवश्यक है कि पोषाहार पंजी का अवलोकन किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा किये जाने का अवसर दिया जाए। इस पंजी में खाद्यान्न, राशि के साथ-साथ लाभान्वितों की विवरणी भी उपलब्ध रहता है।

 

साफ-सफाई एवं सुरक्षा


साफ-सफाई एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि
  • मध्याह्न भोजन तैयार करने के पूर्व रसोईया अपना हाथ पैर एवं मुँह साबुन से साफ कर सूती कपड़ा से पोछ लें।
  • मध्याह्न भोजन तैयार करते समय इस बात के लिए सतर्क रहें कि कोई भी बाहरी वस्तु जैसे - कीट, फतिंगे, छिपकिली, बाल अथवा अन्य कोई वस्तु भोजन में नहीं जाये।
  • सतर्कता के बावजूद यदि बाहरी वस्तु भोजन में गिर जाये अथवा भोजन के विषाक्त होने का संशय भी होतो सभी भोजन को अविलंब गहरा गड्डा खोदकर मिट्टी से ढक दिया जाए। मध्याह्न भोजन ग्रहण करने के उपरांत यदि बच्चों के पेट में दर्द, उल्टी, बेहोशी आदि के लक्षण दृष्टि गोचर होतो अविलंब इस आशय की सूचना प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र, स्थानीय थाना, निकटवर्ती डॉक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, जिला पदाधिकारी एवं एम्बुलेंस सेवा प्रदाता (दूरभाष संख्या- 102/108) को दीजाए।
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